अध्याय 7: लाभ और हानि (Profit and Loss)
वर्दी संकल्प बैच 2026 — क्रय-विक्रय मूल्य संबंध, बेईमान दुकानदार ट्रिक और अंकित मूल्य-बट्टा का संपूर्ण विश्लेषण
1. मूल शब्दावली और आधारभूत नियम (Core Concepts)
लाभ और हानि की गणना हमेशा क्रय मूल्य (Cost Price) को आधार मानकर की जाती है, जब तक कि प्रश्न में विशेष रूप से विक्रय मूल्य पर गणना करने को न कहा जाए:
| पारिभाषिक पद (Terms) | परिभाषा / सूत्र (Formula) | शॉर्टकट दृष्टिकोण (Shortcut Logic) |
|---|---|---|
| क्रय मूल्य (CP) | वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु खरीदी जाती है। | गणना में हमेशा इसे 100% या अनुपात का आधार मानें। |
| विक्रय मूल्य (SP) | वह मूल्य जिस पर कोई वस्तु बेची जाती है। | लाभ होने पर: 100% + P% | हानि होने पर: 100% – L% |
| अंकित मूल्य (MP / MRP) | वह मूल्य जो वस्तु पर मुद्रित (छपा) होता है। | छूट (Discount) हमेशा अंकित मूल्य (MP) पर ही दी जाती है। |
| प्रतिशत लाभ (Profit %) | [(SP – CP) / CP] × 100 | लाभ मूल्य को क्रय मूल्य के सापेक्ष प्रतिशत में बदलें। |
| प्रतिशत हानि (Loss %) | [(CP – SP) / CP] × 100 | हानि मूल्य को क्रय मूल्य के सापेक्ष प्रतिशत में बदलें। |
जब किसी प्रश्न में छूट (Discount %) और लाभ (Profit %) दोनों दिए गए हों, तो क्रय मूल्य और अंकित मूल्य का अनुपात निकालने का यह सीधे काम आने वाला जादुई सूत्र है:
CP / MP = (100 – Discount %) / (100 + Profit %)
विशेष ध्यान दें: यदि हानि हो रही हो, तो हर (Denominator) में 100 – Loss% का उपयोग करें। यह सूत्र परीक्षा में कम से कम 30 सेकंड बचाता है!
2. बेईमान दुकानदार (Dishonest Dealer) की अचूक ट्रिक
वह दुकानदार जो तौल में हेराफेरी करता है और कहता है कि वह वस्तु को “क्रय मूल्य पर ही बेच रहा है”, उसके प्रश्न परीक्षा में बहुतायत से पूछे जाते हैं:
जब कोई दुकानदार 1 किलोग्राम (1000 ग्राम) के स्थान पर 800 ग्राम ही तौलता है, तो उसका लाभ प्रतिशत कैसे निकालें?
- त्रुटि (कितना कम तौला) = 1000g – 800g = 200g
- दुकानदार की जेब से वास्तव में गया माल (गलत माप) = 800g
- लाभ प्रतिशत सूत्र: [त्रुटि / गलत माप] × 100
- गणना: [200 / 800] × 100 = (1/4) × 100 = 25% लाभ.
3. दो वस्तुओं के समान विक्रय मूल्य (Same Selling Price) वाली ट्रिक
जब परीक्षा में दिया जाए कि “दो वस्तुओं में से प्रत्येक को समान मूल्य पर बेचा गया, एक पर x% का लाभ और दूसरी पर x% की हानि हुई”:
ऐसी स्थिति में जहाँ दोनों वस्तुओं का विक्रय मूल्य समान हो और लाभ व हानि का प्रतिशत अंक समान हो, पूरे सौदे में हमेशा कुल मिलाकर हानि ही होती है।
कुल हानि % = x2 / 100
शॉर्टकट उदाहरण: दो साइकिलों में से प्रत्येक को ₹1920 में बेचा जाता है। एक पर 10% लाभ तथा दूसरी पर 10% हानि होती है। पूरे सौदे में कुल लाभ या हानि प्रतिशत क्या होगा?
हल: विक्रय मूल्य के वास्तविक मान (₹1920) को पूरी तरह नजरअंदाज करें। सीधे सूत्र का उपयोग करें: 102 / 100 = 100 / 100 = 1% हानि होगी।
⚡ सुपर-फास्ट रिवीजन कार्ड्स
📝 अभ्यास टेस्ट (Target Exam Pattern MCQs)
इन प्रश्नों को स्वयं हल करके देखें और विकल्प पर क्लिक कर अपना उत्तर जाँचें:
💡 व्याख्या और सटीक हल देखें
सटीक हल:
माना क्रय मूल्य (CP) = 10x और विक्रय मूल्य (SP) = 11x
लाभ = SP – CP = 11x – 10x = 1x
लाभ प्रतिशत = (लाभ / CP) × 100
लाभ प्रतिशत = (1x / 10x) × 100 = 10%.
अतः लाभ प्रतिशत 10% है।
💡 व्याख्या और सटीक हल देखें
सटीक हल (अंतर विधि):
माना क्रय मूल्य (CP) = 100%
– पहले बेचा गया = 10% हानि पर, अर्थात 90% पर।
– यदि अधिक में बेचता तो लाभ होता = 10%, अर्थात 110% पर बेचा जाता।
दोनों स्थितियों का प्रतिशत अंतर = 110% – 90% = 20%
यही 20% का अंतर ₹100 के बराबर है:
⇒ 20% = 100
⇒ क्रय मूल्य (100%) = 100 × 5 = ₹500.
अतः रेडियो का क्रय मूल्य ₹500 है।
💡 व्याख्या और सटीक हल देखें
सटीक हल:
माना वस्तु का क्रय मूल्य (CP) = 100 रुपये है।
क्रय मूल्य से 20% अधिक अंकित करने पर अंकित मूल्य (MP) = 100 + 20 = 120 रुपये हुआ।
अब अंकित मूल्य (120) पर 10% की छूट दी जाती है:
⇒ छूट मान = 120 × 10% = 12 रुपये।
⇒ विक्रय मूल्य (SP) = 120 – 12 = 108 रुपये।
शुद्ध लाभ = SP – CP = 108 – 100 = 8 रुपये (अर्थात 8% लाभ)।
वैकल्पिक सूत्र (Successive method): x + y + (xy/100) ⇒ 20 – 10 – (20 × 10)/100 = 10 – 2 = 8%.
💡 व्याख्या और सटीक हल देखें
सटीक हल (समीकरण विधि):
प्रश्न के अनुसार: 36 × CP = 30 × SP
⇒ CP / SP = 30 / 36
सरल करने पर: CP / SP = 5 / 6
यहाँ क्रय मूल्य = 5 यूनिट तथा विक्रय मूल्य = 6 यूनिट है।
⇒ लाभ = 6 – 5 = 1 यूनिट।
⇒ लाभ प्रतिशत = (1 / 5) × 100 = 20%.
अतः लाभ प्रतिशत 20% है।